कथा कविता

अरुण कुकसाल

विश्व-साहित्य के युगनायक - प्रेमचंद, गोर्की और लू शुन तीन महान साहित्यकार, कलाकार और चिंतक। जीवनभर अभावों में रहते हुए अध्ययन, मनन, चिन्तन और लेखन के जरिए बीसवीं सदी के विश्व-साहित्य के युगनायक बने।

महावीर सिंह जगवान 

विशाल पीपल के दो वृक्ष जिनके नीचे नंदा और नैना बैठी हैं, आज कुछ अधिक ही ठंडी हवायें और झूमती लताऔं से आभास दिला रहे हैं कोई अपना उनके समीप है.

महावीर सिंह जगवान 

नंदा और नैना पीढियों से से सदाबहार प्राकृतिक श्रोत को सूखा देखकर चिंतित हैं, नजदीकी घर से पानी पीकर आगे बढते हैं, कुछ ही दूरी पर एक भवन है जिसका मुख्य गेट रास्ते पर है.

महावीर सिंह जगवान 

नंदा और नैना आज अधिक प्रसन्न लग रही हैं, इसके पीछे जो असल कारण था वह नैना का मैदान मे रहने से यह मानसिकता बन गई थी.

महावीर सिंह जगवान 

नैना चिंतित है नंदा के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखकर, वह कई बार नंदा से पूछने का साहस बटोरती है लेकिन फिर मौन हो जाती है.

महावीर सिंह जगवान 

मेरा नाम नंदा है, मै कक्षा तीन मे पढती हूँ, बाबा ने जबसे दादा जी वाले पुराने मकान मे सीमेंट की छत डाली बहुत गर्म होता है,

चैनल माउन्टेन, मीडिया के क्षेत्र मैं काम करने वाली एक अग्रणी एवं स्वायत्त संस्था है . जो की पिछले 21 सालों से सतत कार्यरत है.

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